गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति में निर्धारित शिक्षा के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन समिति ने शिक्षा के उद्देश्य निम्न
प्रकार स्वीकार किए हैं-
1-वैदिक वाङ्मय का अध्ययन एवं अनुशीलन
2- शारीरिक विकास एवं चारित्रिक विकास
3-मानवीय मूल्यों की अवधारणा को विकसित करना और आचरण में उतारना
4-वैयक्तिक और सामाजिक विकास करना
5-आध्यात्मिक विकास करना
6-संस्कृति के विकास के लिए शिक्षा
7-प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शिक्षा (पंचमहाभूतों का महत्व व संरक्षण एवं संवर्धन)
8-गोपालन और पशु-पक्षी एवं जीवजगत का प्रारम्भिक परिचय
9-कृषि और वानस्पतिक ज्ञान (उत्पादन और उपयोग) पादप जगत का सामान्य परिचय
महर्षि पाणिनि धर्मार्थ ट्रस्ट (रजि.) द्वारा संचालित ‘महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ (गुरुकुल)
में उपर्युक्त उद््देश्यों की पूर्ति के लिए संस्कृत तथा अन्य विषयों के साथ वेद के सभी 6-अंगों का
अध्ययन कराते हैं।

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