गुरुकुल संचालन प्रबंधन समिति ने छात्रों को मानसिक एवं बौद्धिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए योग को प्रमुख रूप से
स्वीकार किया है। प्रायः योग के रूप में शारीरिक शिक्षा के अंतर्गत कुछ यौगिक आसन सिखा दिया जाते हैं, परंतु हमारे
गुरुकुल में योगशिक्षा के अंतर्गत योग के आठों अंग – यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि को सैद्धांतिक और व्यावहारिकज्ञान के रूप में बताते हैं। नियम- शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय, ईश्वरप्राणिधान । संस्था यौगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था कर नए योग्य योग शिक्षक तैयार करते है। छात्रों/विद्यार्थियों को योग की शिक्षा देकर उनमें ऐसे गुण विकसित करना है जिससे कि वे समग्र व्यक्तित्व वाले सुसमायोजित व्यक्ति बनें। जिससे समाज में सही संस्कारों के द्वारा सही आदर्श स्थापित हो सके।

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