परासिद्ध

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया: ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दु:ख भाग्भवेत् ॥

सभी सुखी हों सभी निरोगी हों सभी को शुभ दर्शन हों और कोई दु:ख से ग्रसित न हो