श्लोक

नात्यन्तं सरलैर्भाव्यं गत्वा पश्य वनस्थलीम् ।
छिद्यन्ते सरलास्तत्र कुब्जास्तिष्ठन्ति पादपाः ॥

अपने व्यवहार में बहुत सीधे ना रहे वन में जो सीधे पेड़ पहले काटे जाते हैं
और जो पेड़ टेढ़े हैं वो खड़े हैं ।